किसी भी देश के लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए चार स्तंभ की जरूरत होती है। ये चार स्तंभ हैं – विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और पत्रकारिता। पत्रकारिता को जनता की आवाज भी समझा जाता है। इसके जरिए ही आम जनमानस की खबरें सत्ता में बैठे लोगों तक पहुंचती हैं। जिससे वे अपना कार्य और बेहतर तरीके से कर पाते हैं आज राष्ट्रीय प्रैस दिवस है ओर उसकी महत्ता हमारे देश ओर जीवन के लिए बहुत बढ़ी भूमिका निभातीं है अगर प्रेस बन्धु सरकार की नीतियों और जनता की सच्ची आवाज को देश व समाज के बीच लातीं है क्योंकि आज जो भी समाज में विभिन्न कुरुतिया, समस्याएं, सरकार की योजनाएं,देश व प्रदेश की छोटी सी छोटी समस्या ओर बड़ी से बड़ी उपलब्धियों को अगर कोई प्रकाशित करने का काम करतीं हैं तो है हमारा प्रेस जिसके महतवता ओर ताकत को हमें समझना पड़ेगा साथ ही जितने भी हमारे मिडिया बन्धु चाहे वह इलैक्ट्रोनिक मीडिया से हे या फिर प्रिंट मीडिया से जो हम सभी के लिए दिन प्रतिदिन नई नई जानकारी ओर समाधान लेकर भी आते है और जिनके ख़बर का असर सत्ता में बैठे राजनेताओं और सरकार तक पहुंचती है और जिसका अनेकों बार समाधान ओर निराकरण भी हो जाता है अगर वह ख़बर सत्य पर आधारित ओर जनता की आवाज हो आज हम घर बेठे प्रेस के माध्यम से प्रकाशन को अपने मोबाइल पर देश विदेश ओर प्रदेश की हर खवर से वाकिफ हो जातें हैं इसलिए हमें आज प्रेस की ताक़त ओर जागरूकता की ताकत को समझने ओर अपनी तमाम समस्याएं ओर उपलब्धि को भी प्रेस बन्धुओं से सांझा करने की परम् आवश्यकता है ताकि प्रेस बंधु हमारी समस्याए एवं उपलब्धियों को एक उचित मंच तक पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं मेरे अनुभव अनुसार हमारे क्षेत्र समाज और प्रदेश व देश में ऐसे अनेकों निडर, ईमानदार, निष्पक्ष ओर देश प्रेमी पत्रकार बंधु रहें हैं और आज भी मौजूद है जिन्होंने देश हित ओर जनता की आवाज उठाने के लिए अपने प्राणों की आहुति भी दी है और साथ ही आज भी अनेकों पत्रकार बंधु क्षेत्र में मौजूद हैं जो अपने ईमानदारी और सेवा भाव के लिए हमेशा से सुर्खियों ओर जनता के दिलों में बसे हुए हैं और जिनसे जनता ओर सरकार को हमेशा नाज रहता है तो इसी परिप्रेक्ष्य में आज राष्ट्रीय प्रैस दिवस पर हम तमाम पत्रकार बन्धुओं को बहुत बहुत शुभकामनाएं देते हैं और उनकी सेवाओं को भी सलाम करते हैं जो हमें पल पल की खबर ओर जानकारियों से अनुग्रहित ओर सतर्क करते हैं साथ ही सरकार ओर प्रशासन से भी निवेदन ओर आग्रह करते हैं कि प्रेस बन्धुओं को भी वह तमाम मूलभूत सुविधाएं एवं राज्य स्तरीय व राष्ट्रीय स्तर के पत्रकार बन्धुओ को भी अन्य कर्मचारियों की तर्ज पर पैंशन जैसी सुविधाएं ओर बुढ़ापे का सहारा दिया जाए ताकि हर पत्रकार बिना किसी स्वार्थ के निष्पक्ष होकर ताउम्र पत्रकारिता की अहमियत को जिन्दा रखे ओर बुढ़ापे में पत्रकार को भी पैंशन योजना से अनुग्रहित किया जाएं जिसकी मांग समय समय पर अलग-अलग प्रदेशों ओर क्षेत्रों में उठती रहती है तथा जो पत्रकार बंधु कर्मचारियों, जनता, सरकार ओर समाज की आवाज को हमेशा उठाती रहती है तो हम सभी का भी एक नैतिक कर्तव्य बनता है कि हम भी उन तमाम पत्रकार बन्धुओं की आवाज को समय-समय पर ओर राष्ट्रीय प्रेस दिवस जैसे ख़ास दिवस पर सरकार एवं प्रशासन से निवेदन एवं आग्रह किया जाएं ताकि समय रहते इनकी उचित मांग ओर निवेदन को सरकार पूरी करतीं रहें इस प्रकार तमाम पुनः प्रेस बन्धुओं को बहुत बहुत शुभकामनाएं ओर आशा करेंगे कि आप भविष्य में भी ऐसे ही समाज और देश की आवाज को बुलंद करते रहेंगे ।
स्वतन्त्र लेखक-हेमराज राणा सिरमौर