हिमाचल प्रदेश राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी
ब्यूरो (Vigilance) की टीम ने शुक्रवार को जिला श्रम अधिकारी (labor officer) रणवीर डडवालिया को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एक लेबर ठेकेदार की शिकायत के बाद की गई, जिसने आरोप लगाया था कि श्रम निरीक्षक उसका लाइसेंस नवीनीकरण करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।
शिकायत के अनुसार, ठेकेदार ने बताया कि रणवीर डडवालिया ने उससे 10,000 रुपये की रिश्वत (bribe) मांगी थी। इसके बाद विजिलेंस टीम ने एक सुनियोजित ऑपरेशन के तहत जाल बिछाया और ठेकेदार को रिश्वत की डील के लिए भेजा। जैसे ही श्रम अधिकारी ने राशि स्वीकार की, विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी थाना ऊना की टीम ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। डीएसपी विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो, फिरोज खान ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ उसके बैंक खातों की भी जांच की जाएगी। अधिकारी का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल करते हुए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।