21वी शताब्दी में जाति के आधार पर समारोह में अलग बिठाना देश को शर्मसार करने वाला कृत्य:- समाजसेवी सुरेन्द्र सिंह धर्मा

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आज हम 21वी मैं जहां हम वैज्ञानिक दृष्टिकोण की तरफ अग्रसर हो रहे हैं लोगों के अंदर शिक्षा का प्रचार-प्रसार हो रहा है भारत का संविधान और भारत की सरकार सामाजिक एकता अखंडता की बात करती है वहीं पर हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के शिलाई विधानसभा क्षेत्र को पोहटा मानल में जाति के आधार पर दलित वर्ग को हरिजन कहकर पुकारा जाता है और अलग खाने के लिए बिठाया जाता है सबसे पहले हरिजन शब्द पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है उसके बाद जातीय भेदभाव चरम सीमा पर देखने को मिल रहा है जो कि देश की एकता अखंडता और भाईचारे को बिगड़ने का काम करती है आज हमारे अंदर शिक्षा का प्रचार-प्रसार हो रहा है हम शिक्षित हो रहे हैं हमें सामाजिक एकता और राष्ट्र की अखंडता की तरफ ध्यान देना चाहिए वहीं पर लोगों को भी समझाना चाहिए और इस कृत्य करने वाले व्यक्ति को कानून के तहत सजा का भी प्रावधान किया जाना चाहिए ताकि आगे से समाज में इस तरह से किसी वर्ग का शोषण ना हो एट्रोसिट एक्ट के तहत केस दर्ज होना चाहिए और व्यक्ति को उचित सजा मिलनी चाहिए